श्री गुरु हरगोबिन्द सिंह जी महाराज के प्रकाश उत्सव की कुछ मुख्य झलकियां
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* पांच दिवसीय कार्यक्रम का हुआ समापन
* रेल हादसे में मारे गये और घायल लोगों के लिए की गई अरदास
* परम्परागत मिस्सी रोटी,दही,प्याज और अचार का लंगर चलाया गया
* सुखमनी साहिब का पाठ और गुरुवाणी का हुआ गायन
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गोण्डा, नगर के प्राचीनतम एवं संत बाबा दीदार सिंह जी महाराज द्वारा निर्मित गुरुद्वारा बड़गांव साहिब में सिखों के छठवें गुरु हरगोबिन्द सिंह जी महाराज का अवतार दिवस बड़ी धूमधाम और श्रद्धापूर्वक मनाया गया। प्रातः काल से ही गुरुनानक नामलेवा साध संगतों का गुरु दरबार में आकर माथा टेकने का सिलसिला शुरू हो गया जो कार्यक्रम समापन तक चलता रहा। सुखमनी सेवा सोसायटी की महिलाओं और सभी संगत नें माता जसपाल कौर के सानिध्य में समूह में सुखमनी साहिब का पाठ किया। ज्ञानी अशोक सिंह बीबी सुदेश कौर ने गुरुवाणी का गायन किया साथ ही गुरु महाराज के इतिहास की जानकारी श्रृद्धालुओं को देकर वातावरण भक्तिमय बना दिया।समूह साध संगत ने ओडिशा रेल हादसे में मारे गये लोगों की आत्मिक शान्ति और साथ ही घायलों की सलामती की कामना को लेकर अरदास की।गुरुद्वारा बड़गांव साहिब के प्रधान सरदार राजेन्द्र सिंह भाटिया ने बताया कि गुरुजी ने अपने पिताजी की शहादत के बाद गुरु गद्दी करते समय दो कृपाण एक मीरी और एक पीरी अर्थात एक धर्म और एक राज की धारणा लागू कर यह संदेश दिया कि राज तभी पवित्रता से चल सकता है जब उसमें धर्म का समावेश हो। सेक्रेटरी चरनजीत सिंह खालसा ने बताया कि गुरु जी ने अमृतसर में अकालतख्त की स्थापना भी की। संरक्षक श्यामपाल सिंह ने दो निशान साहिब स्थापित करने के इतिहास की जानकारी दी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह छाबड़ा ने आने वाली संगतो का स्वागत किया।
कार्यक्रम संचालन में मुख्य रूप से प्रभशरण सिंह,इन्दरजीत सिंह, सतपाल छाबड़ा, दरविन्दर सिंह, प्रितपाल सलूजा, श्रीकांत शर्मा,श्रवण छाबड़ा,तेज सिंह, सतीश चैनानी आदि का विशेष सहयोग रहा ।
